मुहावरे. For Hindi. UPTET. By ALOK VERMA

मुहावरे

” उत्तर प्रदेश की शिक्षक परीक्षा के लिए “

  1. अक्ल के पीछे लट्ठ लिये फिरना – मुर्खतापूर्ण कार्य करना
  2. अपना खिचड़ी अलग पकाना अलग – अलग रहना किसी को न मानना
  3. अपना उल्लू सीधा करना – स्वार्थ सिद्ध करना
  4. अपने मुँह मियाँ मिठू बनना – आत्मप्रशंसा करना ।
  5. अक्ल के घोड़े दौड़ाना – केवल कल्पनायें करते रहना ।
  6. आग – पानी साथ रखना – असम्भव कार्य करना
  7. आधी जान सूखना – अत्यन्त भय लगना
  8. आपे से बाहर होना – क्रोध से अपने वश में न रहना ।
  9. आग लगाकर तमाशा देखना – लड़ाई कराकर प्रसन्न होना
  10. आगे का पैर पीछे पड़ना – विपरीत गति या दिशा में चलना
  11. आटे – दाल की फिक्र होना – जीविका की चिन्ता करना
  12. आधा तीतर आधा बटेर – बेमेल चीजों का सम्मिश्रण
  13. आग लगने पर कुआँ खोदना – पहले से कोई उपाय न करना
  14. आव देखा न ताव – बिना सोचे विचारे
  15. आँख मैली करना – दिखावे के लिये बुरी तरह से रोना
  16. आँखें दिखाना – डराने – धमकाने के लिये रोष भरी दृष्टि से देखना
  17. आँखों में खून उतरना – अत्यधिक क्रोधित होना
  18. आग बबूला होना – अत्यधिक क्रोधित होना
  19. आसमान से गिरकर खजूर पर अटकना – एक मुसीबत से हटकर दूसरी मुसीबत में पड़ना
  20. आसमान टूटना – विपत्ति आना
  21. आँख का तारा – अत्यन्त प्रिय
  22. आटे दाल का भाव मालूम होना – वास्तविकता का ज्ञान होना
  23. आड़े हाथों लेना – खरी – खोटी सुनाना
  24. ईंट से ईंट बजाना – हिंसा का करारा जवाब देना ,
  25. खुलकर लड़ाई करना ईमान बेचना – विश्वास समाप्त करना
  26. ईद का चाँद होना – कभी – कभी दर्शन देना
  27. ईंट का जवाब पत्थर से देना – दुष्ट के साथ दुष्टता करना
  28. इज्जत उतारना – सम्मान को ठेस पहुँचाना
  29. इतिश्री करना – कर्त्तव्य पूरा करना
  30. इधर की उधर करना – चुगली करके भड़काना
  31. ईंट – ईंट बिक जाना – कंगाल हो जाना
  32. ईमान बेचना – सिद्धान्तों के विरुद्ध काम करना •
  33. इशारों पर नाचना – किसी की इच्छाओं का तुरन्त पालन करना ।
  34. उजाला करना – कुल का नाम रोशन करना
  35. उल्लू बोलना – उजाड़ होना
  36. उल्टी गंगा बहाना – नियम के विरुद्ध कार्य करना
  37. उल्टी खोपड़ी होना – उचित के विपरीत आचरण करने वाला
  38. उड़नछू होना – गायब हो जाना
  39. उबल पड़ना – एकदम गुस्सा हो जाना
  40. उखाड़ – पछाड़ करना – त्रुटियों दिखाकर कटुक्तियाँ करना
  41. उल्टे बाँस बरेली को – विपरीत कार्य करना
  42. उन्नीस – बीस का अंतर होना – थोड़ा बहुत अंतर होना
  43. उल्लू बनाना – मूर्ख बनाना
  44. अँगुली उठाना – दोष दिखाना
  45. अंगुली पकड़कर पहुंचा पकड़ना – थोड़ा प्राप्त हो जाने पर अधिक पर अधिकार जमाना
  46. अँगुली पर नचाना – संकेत पर कार्य कराना
  47. उड़ती चिड़िया के पंख पहचानना – कार्य – व्यापार को देखकर व्यक्तित्व को जान लेना
  48. ऊंची दुकान फीके पकवान – प्रसिद्ध स्थान की निकृष्ट वस्तु होना
  49. ऊँट के मुँह में जीरा – बहुत कम मात्रा में कोई वस्तु देना
  50. उल्लू सीधा करना – किसी को बेवकूफ बनाकर काम निकालना
  51. एक अनार सौ बीमार – एक वस्तु के लिये बहुत – से व्यक्तियों द्वारा प्रयत्न करना
  52. एक और एक ग्यारह होना – एकता में शक्ति होना
  53. एक हाथ से ताली नहीं बजती – झगड़ा एक ओर से नहीं होता
  54. एक पंथ दो काज – एक प्रयत्न से दो काम हो जाना
  55. ऐसी – तैसी करना – अपमानित करना / काम खराब करना
  56. एक की चार लगाना – छोटी बात को बड़ा – चढ़ाकर कहना
  57. एक ही लकड़ी से हॉकना – अच्छे बुरे की पहचान न करना
  58. ओखली में सिर देना – जानबूझकर अपने को जोखिम में डालना
  59. औंधी खोपड़ी – मूर्खता औकात पहचानना –
  60. सामर्थ्य पहचानना औंधे मुँह गिरना – धोखा खाना
  61. कन्धे से कन्धा मिलाना – सहयोग देना कच्चा
  62. चिट्ठा खोलना – गुप्त भेद खोलना
  63. कमर टूटना – हिम्मत पस्त होना
  64. कलेजा छलनी होना – कड़ी बात से जी दुःखना
  65. कलेजा थामना – दुःख सहने के लिये हृदय को कड़ा करना
  66. कलेजा धक – धक करना – भयभीत करना
  67. कलेजा निकालकर रख देना – सर्वस्व दे देना
  68. कलेजा मुँह को आना – अत्यधिक व्याकुल होना
  69. कलेजे पर पत्थर रखना – धैर्य धारण करना
  70. कसाई के खूटे से बाँधना – निर्दयी व्यक्ति को
  71. सौपना काँटों पर लोटना – ईया से जलना
  72. बेचैन होना कागज काला करना – व्यर्थ ही कुछ लिखना ।
  73. कागजी घोड़े दौड़ाना – कोरी कागजी कार्यवाही करना
  74. काठ का उल्लू होना – मूर्ख होना
  75. कान काटना – मात देना
  76. बढ़कर होना कान का कच्चा होना – बिना सोचे – विचारे दूसरों की बातों पर विश्वास करना
  77. कान खड़े होना – सचेत होना
  78. कान खाना – निरन्तर बाते करके परेशान करना
  79. कान पर जूं न रेंगना – बार – बार कहने पर भी प्रभाव न होना
  80. कान भरना – चुगली करना
  81. काया पलट देना – स्वरूप में परिवर्तन कर देना
  82. काला अक्षर भैंस बराबर – बिल्कुल अनपद
  83. कीचड़ उछालना – लाछन लगाना
  84. कएँ में बाँस डालना – बहुत तलाश करना
  85. कुत्ते की मौत मरना – बुरी तरह मरना
  86. कूप – मण्डूक होना – संकुचित विचार वाला होना
  87. कोल्हू का बैल – अत्यन्त परिश्रमी
  88. कोढ़ में खाज होना – एक दुःख पर दूसरा दुःख होना
  89. कलम का धनी – अच्छा लेखक काम तमाम करना
  90. मार डालना किरकिरा होना – विघ्न पड़ना
  91. किस्मत फूटना – बुरे दिन आना
  92. खून का चूँट पीना – बुरी लगने वाली बात सह लेना
  93. खेत रहना – युद्ध में मारा जाना
  94. खिचड़ी पकाना – गुप्त मंत्रणा करना
  95. ख्याली पुलाव पकाना – हवाई किले बनाना
  96. खाल उधेड़ना – कड़ा दण्ड देना
  97. खून सवार होना – किसी को मार डालने के लिये उद्यत होना
  98. खून पीना – तग करना
  99. खाक छानना – भटकना
  100. खरी – खोटी सुनाना – फटकारना
  101. खाक में मिलाना – नष्ट करना
  102. खून का प्यासा होना – जानी दुश्मन होना
  103. खून सूख जाना — भयभीत होना
  104. खून सफेद होना – उत्साह का समाप्त हो जाना , बहुत डर जाना
  105. खून – पसीना एक करना – कठोर परिश्रम करना
  106. खेल खिलाना – प्रतिपक्षी को समय देना ।
  107. गड़े मुर्दे उखाडना – बहुत पुरानी बाल दोहराना
  108. गागर में सागर भरना – थोड़े शब्दों में अधिक कहना
  109. गाल बजाना – डींग मारना
  110. गुड़ गोबर करना – काम बिगाड़ना
  111. घर का दीपक – घर की शोभा और कल की कीर्ति का बढ़ा
  112. घर की खेती – सहज में मिलने वाला पदार्थ
  113. घर फूक तमाशा देखना – क्षणिक आनन्द के लिये बहुत अधिक खर्च करना
  114. घाट – घाट का पानी पीना अनेक स्थलों का अच्छा – बुरा अनुगम करना / चालाक होना
  115. घाव पर नमक छिड़कना – दुःखी व्यक्ति के हृदय को और दुख पहुचा ।
  116. घाव हरा होना भूले दुःख की याद आना
  117. घी के दीये जलाना – खुशी मनाना
  118. घोड़े बेचकर सोना – निश्चिन्त होना
  119. घर में गंगा बहना – अच्छी चीज पास में ही मिल जाना
  120. घिग्घी बँधना – स्पष्ट बोल न सकना
  121. घोड़े पर चढ़े आना – उतावली में होन
  122. घट में बसना – मन में बसना घ
  123. ड़ी में तोला घड़ी में माशा – किसी बात का निर्णय स्थिरतापूर्वक न दें ।
  124. पाना घर काटे खाना – घर में कोई न होने से अकेलापन अखरना घाव हरा करना भूले दुख को याद दिलाना
  125. घर की मुर्गी दाल बराबर – सरलतापूर्वक प्राप्त वस्तु का मूल्य नहीं होता
  126. घुटने टेकना – अपनी हार – असमर्थता स्वीकार करना
  127. घूरे के दिन फिरना – किसी कमजोर आदमी के भी अच्छे दिन आना
  128. घर खीर तो बाहर भी खीर – यदि घर में इज्जत है तो बाहर भी होती है ।
  129. घोड़े दौड़ाना – अत्यधिक कोशिश करना
  130. घात लगाना – ताक में रहना
  131. चैन की बंसी बजाना – सुख से रहना
  132. चिकना घड़ा – निर्लज्ज
  133. चेहरे पर हवाइयाँ उड़ना – डर जाना
  134. चार चाँद लगना – प्रतिष्ठा बढ़ना
  135. चिराग लेकर ढूँढना – कठिनाई से मिलना
  136. चंगुल में फँसना – मीठी – मीठी बातों से वश में करना
  137. चाँदी का जूता मारना – रिश्वत या घूस देना
  138. चाँद पर थूकना – भले व्यक्ति पर लांछन लगाना
  139. छाती भर आना – दिल पसीजना
  140. छाँह न छूने देना – पास तक न आने देना
  141. छठी का दूध याद दिलाना – संकट में डाल देना
  142. छूमन्तर होना – गायब हो जाना
  143. छक्का – पंजा भूलना – कुछ भी याद न रहना
  144. छाती ठोंककर – साहस करके
  145. जबान कैंची की तरह चलना – बढ़ – चढ़कर तीखी बातें करना
  146. जबान में लगाम न होना – बिना सोचे समझे , बिना लिहाज के बातें करना
  147. जलती आग में घी डालना – क्रोध भड़काना
  148. जान में जान आना – चैन मिलना
  149. जहर का चूंट पीना – कड़ी और कड़वी बात सुनकर भी चुप रहना .
  150. जिन्दगी के दिन पूरे करना – कठिनाई में समय बिताना
  151. जी चुराना – किसी काम या परिश्रम से बचने की चेष्टा करना
  152. जमीन पर पैर न रखना – अकड़कर चलना
  153. जोड़ – तोड़ करना – उपाय करना
  154. जली – कटी सुनाना – बुरा – भला कहना
  155. जूतियाँ चाटना – चापलूसी करना
  156. जान हथेली पर रखना – जिन्दगी की परवाह किये बिना खतरनाक कारी
  157. जैसा देश वैसा भेष – किसी स्थान का पहनावा , उस क्षेत्र विशेष अनुरूप होना
  158. जितने मुँह उतनी बातें – एक ही विषय पर अनेक मत होना
  159. जी खट्टा होना – विरत होना
  160. जहर की पुड़िया – झगड़ालू औरत
  161. जोंक होकर लिपटना – बुरी तरह पीछे पड़ना
  162. जलती आग में घी डालना – क्रोध को उद्दीप्त करना
  163. जी भर आना – दुःखी होना
  164. जहर उगलना – कड़वी बातें करना
  165. झण्डा गड़ना – विजय
  166. झकझोर देना – हिला देना , पूर्णतः त्रस्त कर देना
  167. झाडू फिरना / झाडू फिर जाना – ऐसा अपव्यय या नाश होना कि कछ भी बचा न रहे
  168. झूमने लगना – आनन्द – विभोर हो जाना
  169. टूट पड़ना – आक्रमण करना
  170. टिकट कटाना – किसी एक स्थान से कहीं और चल देना
  171. टेढ़ी खीर – कठिन काम या बाल
  172. टकासा जवाब देना – स्पष्ट उत्तर देना
  173. तलवे चाटना – खुशामद करना
  174. तिल का ताड़ करना – छोटी – सी बात को बड़ी बनाना
  175. तीन – तेरह करना – गायब करना
  176. तितर – बितर करना – तीन – पाँच करना बहाना बनाना , इधर – उधर की बात करना
  177. थाली का बैंगन होना – पक्ष बदलते रहना
  178. थूककर चाटना – त्यक्त वस्तु को पुन : ग्रहण करना
  179. थाह लेना – किसी गुप्त बात का भेद जानना
  180. दंग रह जाना — आश्चर्यचकित होना
  181. दाँत खट्टे करना – हरा देना ।
  182. दाँत पीसकर रह जाना – क्रोध रोक लेना
  183. दाँतों तले अंगुली दबाना – आश्चर्यचकित होना
  184. दिन दूनी रात चौगुनी होना – बहुत शीघ्र उन्नति करना
  185. दाल में काला होना – संदेह होना
  186. दिन – रात एक करना – चौबीसों घण्टे किसी काम में लगे रहना
  187. दाँत काटी रोटी – घनिष्ठ मित्रता
  188. दिल का गुबार निकालना – मन की बात कह देना
  189. दो दिन का मेहमान – जल्दी मरने वाला
  190. तकदीर फूट जाना — भाग्यहीन होना
  191. दम भरना – दावा करना
  192. दाहिना हाथ – महत्वपूर्ण संबल .₹
  193. दूध के दाँत न टूटना – ज्ञान व अनुभव न होना
  194. धूप में बाल सफेद होना – अनुभवहीन होना
  195. धज्जियाँ उड़ाना – दुर्गति करना ।
  196. ध्यान टूटना – एकाग्रता भंग होना
  197. धौंस जमाना – रौब दिखाना
  198. नंगा कर देना – वास्तविकता प्रकट करना।
  199. नंगे हाथ – खाली हाथ
  200. नमक मिर्च लगाना – बढ़ा – चढ़ाकर कहना
  201. निन्यानवे के फेर में पड़ना – धन संग्रह की चिन्ता में पड़ना
  202. नौ दो ग्यारह होना – भाग जाना नाच नचाना – मनचाही करना
  203. नाक – भौं चढ़ाना – असन्तोष प्रकट करना नीला – पीला होना – गुस्सा होना
  204. नाकों चने चबाना – बहुत तंग होना ।
  205. नाक में नकेल डालना – वश में करना
  206. नमक अदा करना – उपकारों का बदला चुकाना
  207. नाक कटना – इज्जत चली जाना
  208. नाक का बाल होना – किसी का प्रिय होना
  209. नाक रगड़ना – विनती करना
  210. पत्थर की लकीर होना – दृढ़ विश्वास होना
  211. पहाड़ टूट पड़ना – मुसीबत आना
  212. पाँचों अंगुली घी में होना – पूर्ण लाभ में होना
  213. पेट में दाढ़ी होना – चालाक होना
  214. पीठ में छुरा भोंकना – विश्वासघात करना
  215. पैरों पर खड़ा होना – स्वावलम्बी होना
  216. पगड़ी रखना – इज्जत रखना ।
  217. पेट में चूहे दौड़ना – भूख लगना
  218. पापड़ बेलना – विषम परिस्थितियों से गुजरना ।
  219. पीठ पर हाथ रखना – पक्ष मजबूत बनाना
  220. पाँव तले जमीन खिसकना – घबरा जाना
  221. पाँव फूंक – फॅक कर रखना – सतर्कता से कार्य करना ।
  222. पीठ दिखाना – पराजय स्वीकार करना
  223. पानी में आग लगाना – असम्भव कार्य करना
  224. फीका लगना – हल्का प्रतीत होना
  225. फूटी आँखों न भाना – बिल्कुल अच्छा न लगना
  226. फट पड़ना – एकदम गुस्से में आ जाना
  227. बाँछे खिलना – अत्यन्त प्रसन्न होना
  228. बाल बाँका न होना – कुछ भी हानि न होना
  229. बट्टा लगाना – कलंक लगना बाग – बाग होना – अति प्रसन्न होना
  230. बच्चों का खेल – सरल काम
  231. बखिया उधेड़ना – भेद खोलना
  232. टोपी उछालना – इज्जत से खिलवाड़ करना .
  233. बायें हाथ का खेल – अति सरल काम
  234. बात का धनी होना – वचन का पक्का होना
  235. बेसिर पैर की बात करना ऊल – जुलूल बातें करना ।
  236. बड़े घर की हवा खाना – जेल जाना
  237. बेपेंदी का लोटा – दुलमुल , अस्थिर विचारों वाला
  238. बल्लियों उछलना – बहुत खुश होना ।
  239. बाजार गर्म होना – काम – धंधा तेज होना
  240. बरस पड़ना – अति क्रुद्ध होकर डॉटना
  241. बासी कढ़ी में उबाल आना – उचित समय बीत जाने पर इच्छा होना
  242. बिल्ली के गले में घण्टी बाँधना – स्वयं को संकट में डालना
  243. भण्डा फोड़ना – रहस्य खोलना , भेद प्रकट करना
  244. भविष्य पर आँख होना – आगे का जीवन सुधारने के लिये प्रयत्नशील रहना
  245. भीगी बिल्ली बनना – डर जाना
  246. भाड़े का टटू – पैसे लेकर काम करने वाला .
  247. भाड़ झोंकना – स्वय समय खोना
  248. भैंस के आगे बीन बजाना – बेसमझ आदमी को उपदेश देना
  249. भागीरथ प्रयत्न करना – बहुत प्रयास करना
  250. मन की मन में रह जाना – इच्छाएँ पूरी न होना
  251. माथे पर शिकन आना – मुखाकृति से अप्रसन्नता व्यक्त होना
  252. मीठी छुरी चलाना – प्यार से मारना .
  253. राई का पहाड़ बनाना – बढ़ा – चढ़ाकर कहना
  254. रातों की नींद हराम होना – चिन्ता , भय , दुःख आदि के कारण रातभर नींद न आना
  255. रोड़ा अटकाना – बाधा डालना
  256. रास्ते का काँटा बनना – मार्ग में बाधा डालना
  257. रीढ़ टूटना – आधारहीन रहना
  258. रंग बदलना – बदलाव होना
  259. रोंगटे खड़े होना – भय से रोमांचित हो जाना ।
  260. रास्ते पर लाना – सुधार करना .
  261. रो – धोकर दिन काटना – जैसे – तैसे जीवन व्यतीत करना ।
  262. रंग में भंग होना – खुशी के अवसर पर बुरा होने से खुशी का दुःख में बदल जाना
  263. रास्ता नापना – चले जाना
  264. रंग जमाना – धाक जमाना
  265. लंगोटी बिकवाना – दरिद्र कर देना
  266. लकीर का फकीर होना – रूढ़िवादी होना
  267. लेने के देने पड़ना – लाभ के बदले हानि
  268. लोहे के चने चबाना – कठिनाइयों का सामना करना
  269. लौ लगाना – प्रेम में मग्न हो जाना / आसक्त हो जाना
  270. ललाट में लिखा होना – भाग्य में बदा होना
  271. लंगोटिया यार – बचपन की दोस्ती
  272. लटू होना – किसी पर रीझना
  273. ठगा – सा रह जाना — मार डालना ।
  274. लम्बी तानकरं सोना – निष्क्रिय होकर बैठना .
  275. लाल – पीला होना – गुस्से में होना
  276. लल्लो – चप्पो करना – चिकनी – चुपड़ी बातें करना
  277. लहू के आँसू पीना – दुःख सह लेना
  278. लुटिया डुबोना – कार्य खराब कर देना
  279. जान के लाले पड़ना – जान पर संकट आ जाना
  280. वकालत करना – पक्ष का समर्थन करना ।
  281. वक्त की आवाज – समय की पुकार .
  282. शहद लगाकर चाटना – किसी व्यर्थ की वस्तु को सम्भालकर रखना
  283. शैतान के कान कतरना / काटना – बहुत चालाक होना
  284. शान में बट्टा लगाना – शान घटना
  285. शेर की सवारी करना – खतरनाक कार्य करना
  286. शिकंजा कसना – नियंत्रण और कठोर करना
  287. सफेद झूठ – सर्वथा असत्य
  288. साँप को दूध पिलाना – शत्रु पर दया करना
  289. साँप सूंघना – निष्क्रिय या बेदम हो जाना
  290. सिर आँखों पर – विनम्रता तथा सम्मानपूर्वक ग्रहण करना
  291. सिर ऊँचा करना – सम्मान बढ़ाना
  292. सोने की चिड़िया – बहुत कीमती वस्तु
  293. सिर उठाना – विरोध करना
  294. सिर पर भूत सवार होना – धुन लग जाना
  295. सिर मुंडाते ओले पड़ना – काम शुरू होते ही बाधा आना
  296. सिर पर हाथ होना – सहारा होना
  297. सिर झुकाना – पराजय स्वीकार करना
  298. सिर खपाना – व्यर्थ ही सोचना
  299. सिर पर कफन बाँधना – बलिदान देने के लिये तैयार होना
  300. सिर गंजा करना – बुरी तरह पीटना
  301. सिर पर पाँव रखकर भागना – तुरन्त भाग जाना
  302. हाथ मलना – अपनी विवशता व्यक्त करना ।
  303. हाँ में हाँ मिलाना – चापलूसी करना
  304. हाथ के तोते उड़ना – अचानक किसी अनिष्ट के कारण स्तब्ध रह जाना ।
  305. हाथ – पाँव फूलना – भय से घबरा जाना
  306. हाथ पीले करना – विवाह करना
  307. हाथ को हाथ नहीं सूझना – बहुत अंधेरा होना
  308. हाथ मलते रह जाना – पश्चाताप होना
  309. होश ठिकानें होना – अक्ल ठिकाने होना
  310. होश उड़ जाना – घबरा जाना
  311. हाथ पर हाथ रखकर बैठना – खाली बैठना
  312. हाथ धो बैठना – खो बैठना
  313. हवाई किले बनाना – बड़े – बड़े ख्वाब देखना
  314. हवा हो जाना — भाग जाना
  315. हाथ साफ कर जाना – चुरा लेना
  316. हवा का रुख पहचानना – परिस्थिति को भाँपना
  317. हथेली पर सरसों बोना – थोड़े समय में कठिन काम करना
  318. हवा लगना – बुरी संगति का प्रभाव होना
  319. हक्का – बक्का रह जाना – हैरान रह जाना
  320. हुक्का पानी बन्द करना – जाति से बाहर करना
  321. हवा के घोड़े पर सवार होना – शीघ्रता करना

by Alok Verma

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