लिंग
संज्ञा के जिस रूप से पुरुष या स्त्री तत्व का बोध हो , उसे लिंग कहते हैं । हिन्दी में दो लिंग होते हैं – पुल्लिंग और स्त्रीलिंग ।
पुल्लिग – जिन शब्दों में आकारान्त शब्द हो , उसे पुल्लिंग कहते हैं , जैसे – मटका , कपड़ा , घोड़ा , आदि । • आ , आव , आपा , पन , पा आदि प्रत्यय जुड़े शब्द पुल्लिग होते हैं । जैसे – मोटापा , बुढ़ापा । • पर्वतों के नाम – अरावली , हिमालय , कैलाश । • मासों के नाम – चैत्र , आषाढ़ , मार्च , अप्रैल । • ग्रहों के नाम – तारा , ध्रुव , शनि , चन्द्र ।
स्त्रीलिंग– शब्द के जिस रूप से किसी प्राणी या वस्तु के स्त्री जाति का होने का बोध होता है , उसे स्त्रीलिंग कहते हैं , जैसे – सीता , रीता , गीता आदि । • ईकारांत शब्द स्त्रीलिंग होते हैं , जैसे – उदासी , बोली , चिट्ठी । • नदियों के नाम – गंगा , यमुना , चंबल , कावेरी ।•तिथियों के नाम – प्रथम , द्वितीय , तृतीया , चतुर्थी । • भाषाओं के नाम – गुजराती , मद्रासी , अंग्रेजी , मराठी । आई , ता , आवट आदि प्रत्यय वाली भाववाचक संज्ञाएँ स्त्रीलिंग होती हैं ; जैसे – खटाई , मिठास , लिखावट , नीचता , चुभन , कृति आदि । By आलोक वर्मा